भाई-बहन का बंधन, कागज पर
हर भाई और बहन टीका और थाली के लिए साथ नहीं हो पाते।
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पत्र क्यों भेजें
जब साथ नहीं हो पाते
एक पत्र उस टीके की जगह लेता है जो आप खुद नहीं दे पाए।
वो बात कहें जो भाई-बहन नहीं कहते
चिढ़ाना छोड़िए - बताइए कि वे आपके लिए असल में क्या मायने रखते हैं।
पूरे भारत में डिलीवर
ज़िंदगी ने जहाँ भी ले जाया हो, आपके शब्द उनके दरवाज़े पर पहुँचेंगे।
बचपन की फोटो जोड़ें
एक पुरानी प्रिंटेड तस्वीर जो सिर्फ आप दोनों का 'हम' कहे।
दिल से लिखे नमूने से शुरू करें
एक पंक्ति उधार लें, या इसे अपने शब्दों की प्रेरणा बनने दें। हमारा लेखन सहायक आपको पूरा करने में मदद कर सकता है।
इस साल टीका नहीं हो पाया, तो यह पत्र ही दुआ और आशीर्वाद दोनों लेकर आया है। भाई दूज मुबारक - खुश रहो, तरक्की करो।
दीदी, दूरी की वजह से न थाली थी न आखिरी गुलाब जामुन पर लड़ाई। पर तुम्हारी याद थी, और यह पत्र है। भाई दूज मुबारक।
टीका हो या न हो, पास हों या दूर - हम दोनों के बीच का जो समझौता है वो कभी नहीं बदलता। भाई दूज मुबारक।
इसे भेजने का तरीका चुनें
हाथ से लिखा
Written by hand on premium paper - the most personal way to say it.
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हाथ से लिखा चुनेंछपा हुआ
Beautifully typeset on quality paper - clean, clear and elegant.
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सवाल, जवाब के साथ
क्या यह समय पर पहुँच जाएगा?
भाई दूज से 5–6 दिन पहले ऑर्डर करें।
क्या मैं हिंदी में लिख सकता हूँ?
हाँ।
क्या मैं फोटो जोड़ सकता हूँ?
हाँ, तीन प्रिंटेड फोटो तक।