आपके सवाल
अक्सर पूछे जाने
वाले सवाल
कुछ और पूछना हो तो हमें लिखिए। जवाब कोई इंसान देगा, कोई बॉट नहीं।
ऑर्डर कैसे करें
मैं चिट्ठी कैसे भेजूं?
प्रिंटेड या हस्तलिखित चिट्ठी चुनिए, अपना संदेश लिखिए, पाने वाले का पता और पिन कोड डालिए और भुगतान कीजिए। हम उसे लिखते हैं, लिफाफे में बंद करते हैं और डाक से भेजते हैं। न आपको खाता बनाना है, न पाने वाले को।
प्रिंटेड और हस्तलिखित चिट्ठी में क्या फर्क है?
प्रिंटेड चिट्ठी में आपके शब्द अच्छे कागज पर हैंडराइटिंग जैसे फॉन्ट में छपते हैं, कीमत 599 रुपये। हस्तलिखित चिट्ठी एक असली इंसान अपने हाथ से कलम लेकर लिखता है, कीमत 1199 रुपये से, लंबाई के हिसाब से। दोनों लिफाफे में बंद करके डाक से भेजी जाती हैं।
चिट्ठी कितनी लंबी हो सकती है?
हस्तलिखित में 500 शब्द तक और प्रिंटेड में 1250 शब्द तक, यानी लगभग पांच पन्ने। हस्तलिखित चिट्ठी की कीमत लंबाई के हिसाब से है: 150 शब्द तक 1199 रुपये, 300 तक 1599 रुपये और 500 तक 1999 रुपये। लिखते समय ही कीमत दिखती है।
क्या हिंदी में लिख सकते हैं?
हां। चिट्ठी हिंदी या अंग्रेजी में लिखी जा सकती है, और हिंदी चिट्ठी देवनागरी में लिखी जाती है।
मुझे समझ नहीं आ रहा क्या लिखूं।
यह सबसे आम बात है जो लोग हमें कहते हैं। ऑर्डर पेज पर लिखने में मदद करने वाला टूल और उदाहरण मौजूद हैं - किसी एक से शुरू कीजिए और तब तक बदलिए जब तक वह आपकी अपनी आवाज न लगने लगे।
क्या चिट्ठी किसी आगे की तारीख के लिए तय कर सकते हैं?
हां, 100 रुपये में। ध्यान रखिए: आप जो तारीख चुनते हैं वह उस दिन की है जब हम चिट्ठी डाक से भेजेंगे, पहुंचने की तारीख नहीं। उसके बाद पहुंचने में 5 से 7 कार्यदिवस लगते हैं, इसलिए जिस दिन पहुंचानी है उससे पीछे गिनकर तारीख चुनिए।
क्या मैं खुद को चिट्ठी भेज सकता हूं?
हां, और लोग भेजते हैं। कोई अपने आने वाले कल को लिखता है, कोई बस अपनी लिखावट में कुछ संभालकर रखना चाहता है।
चिट्ठी के बारे में
कागज कैसा होता है?
अच्छी क्वालिटी का कागज हर चिट्ठी में, और 100 रुपये में उससे भी बेहतर प्रीमियम कागज। हर चिट्ठी सील बंद लिफाफे में जाती है, इसलिए उसे सिर्फ पाने वाला ही पढ़ता है।
क्या मोम की सील लगवा सकते हैं?
हां, हाथ से दबाई गई असली मोम की सील 100 रुपये में। उसके साथ सूखा हुआ फूल भी मुफ्त आता है।
क्या फोटो भेज सकते हैं?
हां, दस फोटो तक, हर फोटो 50 रुपये। ऑर्डर करते समय असली फोटो भेजिए (व्हाट्सऐप से सेव की हुई नहीं, वे धुंधली छपती हैं), हम उन्हें प्रिंट करके लिफाफे में रख देंगे।
और क्या जोड़ा जा सकता है?
खुशबूदार कागज 50 रुपये में, धागे या रिबन की बंधाई 50 रुपये में, और अलग से एक P.S. कार्ड 100 रुपये में। सब कुछ वैकल्पिक है और भुगतान से पहले कीमत के साथ दिखता है।
हस्तलिखित चिट्ठी कौन लिखता है?
भारत में बैठा एक असली इंसान, एक बार में एक चिट्ठी। कोई नकल नहीं रखी जाती और आपकी बात किसी से साझा नहीं की जाती।
क्या आप मेरी चिट्ठी पढ़ते हैं?
सिर्फ उतना, जितना उसे लिखने या छापने के लिए जरूरी है। आपकी चिट्ठी किसी और काम के लिए न रखी जाती है, न साझा की जाती है। लिफाफा हमारे यहां से निकलने से पहले ही सील हो जाता है।
क्या आप मेरी गलतियां सुधारते हैं?
नहीं। जो आपने लिखा है वही लिखा जाता है। यह आपकी चिट्ठी है, और अक्सर छोटी सी कमी ही उसे आपका बनाती है।
पहुंचने और ट्रैकिंग
पहुंचने में कितना समय लगता है?
ऑर्डर के 48 कार्य घंटों के भीतर हम चिट्ठी डाक से भेज देते हैं, और उसके बाद भारत में कहीं भी पहुंचने में आम तौर पर 5 से 7 कार्यदिवस लगते हैं।
क्या किसी खास दिन पहुंचने की गारंटी है?
नहीं, और यह हम साफ कह देना चाहते हैं। एक बार चिट्ठी कूरियर के पास चली गई तो समय उनके हाथ में है। हम सिर्फ भेजने के दिन का वादा कर सकते हैं। अगर किसी तारीख तक पहुंचानी है तो कम से कम 7 कार्यदिवस पहले ऑर्डर कीजिए।
क्या जल्दी पहुंचाने का कोई विकल्प है?
दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में हां। किराया इस पर निर्भर करता है कि राइडर कितनी दूर जाता है - दिल्ली में 399 रुपये, गाज़ियाबाद में 349 और नोएडा में 249। एक राइडर चिट्ठी सीधे उनके दरवाज़े तक पहुंचाता है - शाम 5 बजे से पहले ऑर्डर कीजिए तो उसी दिन, उसके बाद अगले दिन। यह हर दिन चलता है, रविवार को भी। अपना पिन कोड letterbypost.com/express-delivery पर देख लीजिए। बाकी भारत में जल्दी पहुंचाने का विकल्प नहीं है - हर चिट्ठी ऑर्डर के बाद तैयार होती है, इसलिए 48 घंटे में भेजना ही हमारी सबसे तेज रफ्तार है।
चिट्ठी कहां पहुंची, यह कैसे पता करें?
जैसे ही चिट्ठी डाक से जाती है, कूरियर का नाम और ट्रैकिंग नंबर आपको व्हाट्सएप और ईमेल पर मिल जाता है। आप letterbypost.com/track पर अपने ऑर्डर नंबर से कभी भी देख सकते हैं।
क्या पूरे भारत में भेजते हैं?
हां, बशर्ते कूरियर उस पिन कोड तक जाता हो। भुगतान लेने से पहले हम यह जांच लेते हैं।
क्या भारत से बाहर भेजते हैं?
फिलहाल नहीं। हम सिर्फ भारत के भीतर भेजते हैं।
अगर घर पर कोई न हो तो?
कूरियर आम तौर पर दोबारा कोशिश करता है और कई बार पहले फोन भी करता है। कितनी बार कोशिश होगी, यह कूरियर और जगह पर निर्भर करता है।
अगर चिट्ठी पहुंच ही न पाए तो?
वह हमारे पास वापस आ जाती है, हम आपको बताते हैं और आपके साथ मिलकर हल निकालते हैं। व्हाट्सएप पर जवाब दीजिए, कोई इंसान आपसे बात करेगा।
क्या डाक खर्च अलग से लगता है?
नहीं। डाक खर्च हर कीमत में शामिल है। कोई अलग डिलीवरी चार्ज नहीं है।
कीमत और भुगतान
कीमत कितनी है?
प्रिंटेड चिट्ठी 599 रुपये। हस्तलिखित चिट्ठी लंबाई के हिसाब से: 150 शब्द तक 1199, 300 तक 1599 और 500 तक 1999 रुपये। डाक खर्च शामिल। बाकी चीजें वैकल्पिक हैं और हर एक की कीमत भुगतान से पहले दिखती है।
क्या कोई छिपा हुआ खर्च है?
बिल्कुल नहीं। जो कीमत आप चेकआउट पर देखते हैं, वही देनी है। हर कीमत में जीएसटी और डाक खर्च शामिल है।
भुगतान कैसे करें?
यूपीआई, कार्ड और नेटबैंकिंग, सुरक्षित चेकआउट के जरिए।
क्या डिलीवरी पर भुगतान होता है?
नहीं। हर चिट्ठी भुगतान के बाद ही बनना शुरू होती है।
क्या बिल मिलता है?
हां, हर ऑर्डर का बिल आपके ऑर्डर और भुगतान की जानकारी के साथ मिलता है।
चिट्ठी उपहार के तौर पर
क्या चिट्ठी सचमुच एक अच्छा उपहार है?
तब सबसे ज़्यादा, जब उपहार की असली बात रिश्ता हो, चीज़ नहीं - कोई खास जन्मदिन, सालगिरह, माफ़ी, दूर रहने वाला कोई अपना, या वह इंसान जिसके पास पहले से सब कुछ है। यह इकलौता ऐसा आम उपहार है जो किसी और को नहीं दिया जा सकता था, और लोग इसे सालों तक संभालकर रखते हैं। अगर उन्होंने कोई खास चीज़ मांगी है, या आप उन्हें ज़्यादा नहीं जानते, तो यह सही चुनाव नहीं है।
अगर मैं ऐसा कुछ देना चाहूं जो उनके पास रह जाए?
ज़्यादातर लोग इसी वजह से चिट्ठी चुनते हैं। फूल हफ्ते भर में खत्म, चॉकलेट उससे भी पहले। चिट्ठी किसी दराज़, किताब या बटुए में जगह बना लेती है और मुश्किल दिनों में दोबारा पढ़ी जाती है। इसे और खास बनाना हो तो 100 रुपये में मोम की मुहर या 50 रुपये प्रति फोटो में छपी हुई तस्वीरें जोड़ लीजिए।
क्या अकेली चिट्ठी काफी है, या साथ में कोई तोहफा भी चाहिए?
माता-पिता, दादा-दादी, किसी गुरु या पुराने दोस्त के लिए अकेली चिट्ठी आमतौर पर काफी है। किसी बड़े मौके पर जीवनसाथी या प्रेमी के लिए लोग साथ में कोई छोटी चीज़ भी रखते हैं, क्योंकि अकेली चिट्ठी कभी-कभी ऐसा लग सकता है जैसे वक्त कम पड़ गया हो - जबकि बात इसकी उलटी होती है।
दूर रहने वाले किसी अपने के लिए अच्छा उपहार क्या है?
ऐसा कुछ जो उन्हें अकेले में, आपके चुने हुए दिन पर एक पल दे। डाक से आई चिट्ठी यही करती है; पार्सल अक्सर बस एक सामान बनकर रह जाता है। अगर आप भारत के बाहर से भेज रहे हैं तो ध्यान रखिए कि हम चिट्ठी भारत में ही लिखते और पोस्ट करते हैं - यानी कुछ ही दिन, विदेशी डाक के दो से चार हफ्तों की जगह।
क्या यह ठीक उसी दिन पहुंच सकती है?
आप वह तारीख चुन सकते हैं जिस दिन हम इसे पोस्ट करें, 100 रुपये में। उसके बाद पहुंचने में 5 से 7 कामकाजी दिन लगते हैं, इसलिए जिस दिन पहुंचानी है उससे उलटी गिनती कीजिए। दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद में हम 249 रुपये से शुरू होकर उसी दिन या अगले दिन राइडर से भी पहुंचाते हैं।
क्या पाने वाले को पता चलेगा कि यह ऑनलाइन मंगवाई गई है?
लिफाफे के अंदर LetterByPost का कोई नाम या निशान नहीं होता। बाहर की पैकिंग पर कूरियर का लेबल होता है, जैसा डाक से आई हर चीज़ पर होता है। वे जो निकालकर पढ़ते हैं, वह आपकी चिट्ठी है - आपके शब्दों में, आपके दस्तखत के साथ।
गिफ्ट वाउचर
क्या किसी को चिट्ठी गिफ्ट कर सकते हैं?
हां। 999 से 4999 रुपये के बीच किसी भी रकम का गिफ्ट वाउचर लिया जा सकता है, और जिसे आप देंगे वह अपनी चिट्ठी खुद लिखेगा।
वाउचर कब तक चलता है?
खरीदने की तारीख से एक साल तक।
अगर उनका ऑर्डर वाउचर से कम का हुआ तो?
बची हुई रकम वाउचर में रह जाती है और अगली बार इस्तेमाल हो सकती है।
बदलाव, रद्द करना और शिकायत
ऑर्डर के बाद कुछ बदल सकते हैं?
ऑर्डर होते ही हम उसे तैयार करना शुरू कर देते हैं, इसलिए आम तौर पर बदलाव मुश्किल है। जितनी जल्दी हो सके अपने ऑर्डर नंबर के साथ संपर्क कीजिए, हम देखेंगे कि उसे रोका जा सकता है या नहीं।
क्या ऑर्डर रद्द हो सकता है?
अगर चिट्ठी अभी भेजी नहीं गई है तो तुरंत बताइए, हम देखेंगे। एक बार डाक से निकल जाने के बाद उसे रद्द नहीं किया जा सकता, क्योंकि चिट्ठी अब सचमुच बन चुकी है और कूरियर के पास है।
मैंने गलत पता दे दिया।
जितनी जल्दी हो सके ऑर्डर नंबर के साथ बताइए। भेजने से पहले अक्सर कुछ किया जा सकता है। भेजने के बाद विकल्प सीमित रह जाते हैं।
चिट्ठी में कुछ गड़बड़ है।
हमें लिखिए, कोई इंसान उसे ठीक से देखेगा। हमें पता चलना ही बेहतर है।
पैसे वापस कैसे मिलेंगे?
रिफंड हर मामले में एक इंसान देखता है - न कोई अपने आप चलने वाला नियम, न कोई बॉट। अपने ऑर्डर नंबर और जो हुआ उसके साथ संपर्क कीजिए, कोई आपसे बात करके इसे देखेगा।
मदद चाहिए
आपसे संपर्क कैसे करें?
व्हाट्सएप पर जवाब दीजिए या इस साइट का संपर्क फॉर्म भरिए। हम सुबह 10 से शाम 7 बजे के बीच जवाब देते हैं। हम एक छोटी टीम हैं और 24 घंटे का कॉल सेंटर होने का दिखावा नहीं करते।
क्या थोक या कंपनी के ऑर्डर लेते हैं?
हमें बताइए आपको क्या चाहिए और कितनी चिट्ठियां - हम ईमानदारी से बता देंगे कि हम इसे अच्छे से कर पाएंगे या नहीं।
हम सुबह 10 से शाम 7 बजे तक जवाब देते हैं।